શુક્રવાર, 20 એપ્રિલ, 2012

निबंध


मेरी पाठशाला

                          मेरी पाठशाला का नाम “उंदरेल प्राथमिक शाला” है ׀ मेरी पाठशालामें ग्यारह कमरे हैं ׀ पुस्तकालय और प्रयोगशाला हैं ׀  मेरी पाठशाला में पहली से सातवीं कक्षा तक की पढाई होती हैं ׀ मेरी पाठशाला का समय सुबह 11 शाम 5 बजे तक का हैं ׀ मेरी पाठशाला में 9 शिक्षके हैं  ׀ मेरी पाठशाला के सभी शिक्षक बडी लगन से हमें पढाते हैं ׀ मेरी पाठशाला में मनोरंजन के कार्यक्रम होते हैं  ׀ मेरी पाठशाला में एक बगीचा भी हैं, उसमे तरह-तरह के पेंड-पौधे हैं ׀ पौधों पर रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं ׀ मेरी पाठशाला में बच्चो को खेलने लिए एक बडा मैदान है ׀ बच्चो को खेलने के लिए झूले और फिसलपट्टी  भी है  ׀
              मेरी पाठशाला मुझे बहुत प्रिय है ׀

महान वैज्ञानिक एडीसन

                                एडीसन की गिनती संसार के महान वैज्ञानिको में होती हैं ׀ उनका पूरा नाम थोमस एलवा  एडीसन था ׀ उनका जन्म ग्यारह फरवरी 1847 को अमेरिका में हुआ था ׀

        एडीसन बचपन से ही तरह-तरह के प्रयोग करते थे ׀ स्कूल की पढाई में उनका मन नहीं लगता था ׀ घर में ही छोटे-छोटे प्रयोग करने में माँ उनका साथ देती थी ׀ गरीबी के कारण बालक एडीसन अखबार बेचने का काम करते  थे ׀
                     धीरे-धीरे एडीसन के प्रयोग सफल होने लगे ׀ उस समय के तार यंत्र में प्राय: गड्बडी होती रहती थी ׀ एडीसन ने उसमें सुधार किए ׀ टेलिफोन और ग्रामोफोन की खामियों को भी उन्होनें दूर किया था ׀ आज हम बिजली का तरह-तरह से उपयोग करते हैं ׀ बिजली हमें रोशनी देती  हैं ׀  इस बिजली का आविष्कार एडीसन ने ही किया था ׀
                     18 अक्तूबर, 1931 को एडीसन की मृत्यु हुई ׀ दुनिया विज्ञान के इस जादूगर को हमेशा याद रखेगी ׀


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